एक युवा कलाकार ने निर्माण स्थल से मिली लट्ठियों पर स्याही से कहानियाँ उकेरीं, फिर सरल लाइट-स्ट्रीप जोड़कर उन्हें उजाला दिया। पड़ोसियों ने रात में खिड़कियों से देखकर बातचीत शुरू की, और वही दीवार बाद में सामुदायिक नोटिसबोर्ड बन गई, जहाँ लोग यादें साझा करने लगे।
फटी अस्तर और टूटी हैंडल वाली पुरानी ट्रंक को अंदर से साफ़ करके पहियों पर रखा गया, ढक्कन में कॉर्क-पिनबोर्ड जोड़ा, और परिवार की पोस्टकार्डें सजा दी गईं। यह चलते-फिरते वार्तालाप का केंद्र बना, और बच्चों ने भूगोल, समय और लोगों पर प्रश्न पूछने शुरू किए।
जंग लगी लोहे की जाली को हटाकर वायर-ब्रश से साफ़ किया गया, मैट ब्लैक पेंट लगाया, और पौधों के हैंगर जोड़कर हरियाली का पर्दा बनाया। सुबह की चाय के वक्त धूप छनकर आती, पक्षियों की आवाज़ मिलती, और परिवार के बुज़ुर्ग वहीं बैठकर पुरानी कहानियाँ सुनाने लगते।
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